MONTHLY BULLETIN OF CITY MONTESSORI SCHOOL, LUCKNOW, INDIA

Personality Development

CMS creates a better future for all children by maximising
their opportunities through quality education and initiatives for unity and development.

January 2018

CMS Founder Dr Jagdish Gandhi honoured with Hope of Humanity Award

Dr Jagdish Gandhi receives 'Hope of Humanity' Award



CMS Founder-Manager Dr Jagdish Gandhi was honoured with the Hope of Humanity Award for promoting unity through meaningful education at the National Convention on Students Quality Control Circles at New Delhi (4 to 7 December 2017).

Union Home Minister Hon'ble Shri Rajnath Singh honours CMS Founder-Director Dr Bharti Gandhi

Mr Rajnath Singh presenting the award to Dr Gandhi

CMS Founder-Director Dr Bharti Gandhi was honoured with 'Devi Award' by the Home Minister, Hon'ble Mr Rajnath Singh, at a grand felicitation function held under the aegis of The Sunday Standard of New Indian Express Newspaper in New Delhi at Hotel ITC Maurya. Union Home Minister, Hon'ble Mr Rajnath Singh, presented a memento and a certificate to Dr Bharti Gandhi in the presence of renowned dignitaries. Dr Gandhi is a well-known figure in academic circles for providing commendable services towards empowering women, bringing about educational excellence, and encouraging innovation in education. A child psychologist and counsellor, she has introduced several novel concepts and methods in teaching children which have revolutionized the entire concept of holistic education making it more child-centric, practical and humane than ever before. She firmly believes in children's rights, women's empowerment, and world unity through education. Dr Bharti Gandhi has worked shoulder to shoulder with her husband, Dr Jagdish Gandhi, and under their enlightened guidance the school has achieved the high distinction of producing the best results in ISC and ICSE Board Examinations, won the UNESCO Prize for Peace Education 2002, and is recognized by the Guinness Book of World Records as the largest school in the world in a single city, its number of pupils exceeding 55,000.

Prof. Geeta Kingdon, President, CMS

From the President's Pen...
Dear Parents,

December had its own unique dynamic in CMS: while classes 10 and 12 had their heads down with the serious business of pre-board exams, the others had regular academic activities but also celebrated mothers’ days or sports days.

The major international event of December was the wellorganised International Environment Olympiad (IEO) by the CMS Gomti Nagar extension campus, which drew student teams from many Indian states and from Sri Lanka, Bangladesh and Nepal. Eminent environmentalists from different parts of India encouraged participants to become young crusaders for sustainable development.

We are delighted that Dr Vineeta Kamran, Principal of CMS Kanpur Road campus, was elected as President of the Association of Schools for the Indian School Certificate Examinations (ASISC), the association of all the (over 2000) ISC and ICSE schools of India.

Another theme in December was teachers’ pedagogic training. The senior leaders (principals) and middle level leaders (incharges and class coordinators) were trained in the use of Professional Learning Communities or PLCs, and champion maths teachers were trained in how to coach and mentor other maths teachers. CMS teachers are participating in the ongoing ERA contest to create online learning content for Interactive White Boards.

Jitesh Singh Deo, alumnus of the CMS Mahanagar campus, won the Peter England Mr. India World title in a glittering star-studded ceremony in Mumbai, receiving his medal from film actress Kangana Ranaut. He attributed his success substantially to the ‘think big’ attitude honed at CMS during his formative years.

The celebrated Delhi-based psychologist Sameer Parikh’s team did a two day workshop for our student council members on ‘Pro-Social Peer Learning’ and introduced a Bully to Buddy programme to discourage bullying. All in all, a pleasing and productive month!

गणतंत्र दिवस परेड के अवसर पर 26 जनवरी, 2018 को वसुधैव कुटुम्बकम् व भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51 पर आधारित सी.एम.एस. लखनऊ द्वारा निकाली जाने वाली झाँकी

झांकी सन्देश-विश्व हमें देता है सब कुछ - हम भी तो कुछ देना सीखें

इस वर्ष सिटी मोन्टेसरी स्कूल द्वारा गणतन्त्र दिवस की परेड में 26 जनवरी, 2018 को ‘विश्व हमें देता है सब कुछ - हम भी तो कुछ देना सीखें’ का संदेश देती हुई झाँकी प्रस्तुत की जा रही है। इस झाँकी के माध्यम से सी.एम.एस. के बच्चे यह संदेश दे रहे हैं कि अब समय आ गया है कि हम अपने देश की महान सभ्यता एवं संस्कृति ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ व ‘भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51’ की भावना के अनुरूप सारे विश्व को अपना परिवार मानते हुए उसे सुन्दर एवं सुरक्षित बनाने का प्रयत्न करना चाहिए। ऐसा करके हम उस विश्व को, जिसने हमें सब कुछ दिया है, के प्रति अपने उत्तरदायित्व को पूरा करेंगे। इस झाँकी के माध्यम से सी.एम.एसके बच्चे भारत के साथ ही साथ विश्व के नेताओं से यह अपील कर रहें हैं अब जब कि दुनियाँ में अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद, प्राकृतिक असंतुलन एवं तीसरे विश्व युद्ध की आशंका बढ़ती जा रही है, ऐसे समय में हमें अति शीघ्र विश्व संसद, विश्व सरकार एवं विश्व न्यायालय का गठन किया जाना चाहिए, तभी विश्व को सुन्दर एवं सुरक्षित बनाया जा सकेगा।

इस झाँकी के प्रथम भाग में दिखाया गया है कि एक बालक अपने सिर पर ग्लोब उठाये भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51 की भावना के अनुरूप यह संकल्प ले रहा है कि एक दिन दुनियाँ एक करूँगा, धरती स्वर्ग बनाऊँगा। झाँकी के इसी भाग में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51 को दर्शाया गया है, जिसमें कहा गया है भारतीय का अनुच्छेद 51 कहता है किः भारत का गणराज्यः- (क) संसार के विभिन्न राष्ट्रों के बीच अन्तर्राष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए प्रयत्न करेगा (ख) संसार के विभिन्न राष्ट्रों के बीच न्यायपूर्ण एवं सम्मानजनक सम्बन्ध स्थापित करने का प्रयत्न करेगा (ग) अन्तर्राष्ट्रीय कानून के प्रति सम्मान की अभिवृद्धि करेगा तथा (घ) अन्तर्राष्ट्रीय संघर्षो को मध्यस्थता (आरबीट्रेशन) द्वारा हल करने का प्रयत्न करेगा।

इस झाँकी के द्वितीय भाग मंे विभिन्नता में एकता प्रदर्शित करते हुए एक ही छत के नीचे मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर, गुरूद्वारा, बौद्ध विहार, बहाई मंदिर आदि विभिन्न पूजा स्थल दिखाये गये हैं। सभी धर्मों का स्रोत एक ही परमपिता परमात्मा है व सभी धार्मिक ग्रन्थों में दी गई शिक्षाऐं एक ही परमात्मा की तरफ से उस युग की आवश्यकता के अनुसार भेजी गई हैं। इस प्रकार सभी धर्मों का सार मानव मात्र की एकता स्थापित करना है। इसलिए हम सबको हिलमिल कर प्रसन्नतापूर्वक एक कुटुम्ब की तरह रहना चाहिए। इसी छत के नीचे सी.एम.एस. के बच्चे ‘विश्व हमें देता है सब कुछ-हम भी तो कुछ देना सीखें’ गाने पर नृत्य प्रस्तुत कर रहें है।

झाँकी के तृतीय भाग में विश्व संसद का दृश्य दिखाया गया है। यह दृश्य हमें यह संदेश दे रहा है कि अब समय आ गया है कि दुनियाँ में शान्ति सुरक्षा, भाईचारा, प्रेम एवं एकता की स्थापना के लिए हम वीटो पाॅवर रहित एक निष्पक्ष तथा न्यायपूर्ण विश्व व्यवस्था के नव-निर्माण हेतु अति शीघ्र ‘विश्व संसद’ का गठन करें। इस ‘विश्व संसद’ द्वारा बनाये गये सभी कानून सभी देशों पर बाध्यकारी होंगे। झाँकी के चैथे भाग में हेग, नीदरलैण्ड में स्थित इण्टरनेशनल कोर्ट आॅफ जस्ट्सि का दृश्य दिखाया गया है। वर्तमान में इस अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय के निर्णय किसी देश के लिए बाध्यकारी नहीं है। झाँकी का यह भाग यह संदेश दे रहा है कि अब समय आ गया है कि सम्पूर्ण मानव जाति को महाविनाश से बचाने के लिए शक्तिरहित अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय को और भी अधिक शक्ति प्रदान किया जाना चाहिए, जिसके द्वारा दिये गये निर्णय विश्व के सभी देशों पर एक समान रूप से बाध्यकारी हो।

अतः संसार के मानव मात्र की एकता के लिए एवं विभिन्न देशों के आपसी मतभेदों का निष्पक्ष एवं सर्वमान्य समाधान करने के लिए ‘विश्व संसद’, ‘विश्व सरकार’, बाध्यकारी कानून एवं ‘विश्व न्यायालय’ का गठन करके एक ओर जहाँ हम विश्व के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करेंगे तो वहीं दूसरी ओर भारत की ‘वसुधैव कुटुम्कम्’ की सभ्यता एवं संस्कृति व भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51 के अनुरूप विश्व की सारी मानव जाति को सुखी, सम्पन्न एवं समृद्धिशाली बना सकेंगे।